Batch No. 353 भारत एक कहानी


भारत सिर्फ शब्द नहीं है यह
यह तो कई नामों से विराजमान है
आर्यावर्त तो कभी हिन्दुस्तान है
सोने की चिड़िया
यह शब्द भी बढाती थी इसकी शोभा
धर्मनिरपेक्षता की मिसाल है यह
हर धर्म चाहे हो 
हिन्दु, मुस्लिम, सिक्ख, इसाई
है सभी साथ यहाँ
लहराकर परचम एकता का
जहाँ हिन्दु गुरूद्वारे जाता है
और सिक्ख गंगा नहाता है,
मुस्लिम भी हर-हर महादेव का नारा लगाता है
गिरजाघर की सिढ़ियों से चलकर 
हर धर्म यीशु को बुलाता है 
भारत,
सिर्फ शब्द नहीं है यह 
यह तो समन्वय की एक मिसाल है
यहाँ की भूमि से किसान 
जहाँ सोने-चांदी उपजाता है
हर स्त्री जहाधरा
औरधरावसुन्धरा कहलाती है
बालक फसलों के गलियारों में
जहाँ लुका-छिपी खेला करते हैं
बालिकायें जहां अपने माँ- पिता की,
सबसे लाडली होती है
अपने गुड्डों और गुड्डियों को सजा
जहाँ ब्याह रचाया करती है,
गोटियों को हवा में उछाल 
आसमान को ठेंगा दिखाया करती है
परिवार मिलकर यहाँ मकान नहीं 
एक घर बनाया करते हैं।
भारत 
सिर्फ शब्द नहीं है यह
यह तो प्यार का एक प्रतीक है
यहाँ ऋतुएं रंग भरती है,
रंग भावनाओं को टटोलते है
साहित्य की गलियों में चलकर 
एक कविता कहानी मचलती है,
गायिका के मुख से शृंखलाबद्ध हो 
एक गीत की रचना होती है 
यहाँ सुभाषितानी के श्लोकों को पढ़कर 
एक नैतिकता की धारा बहती है
यहाँ हर जीवन में एक धुन है
और यह धुन कहीं दूर कृष्ण की बासुंरी से 
रही है
भारत
सिर्फ शब्द नहीं है यह 

यह तो जीवन की एक धुन है।

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