surabhi ( khushabu)-हिन्दी - चीनी भाई - भाई ........


हिन्दी - चीनी  भाई - भाई
                                                                                                   

हिन्दी - चीनी  भाई - भाई l
ये  नारा  है  या तबाही  जी ll
कुल वधू  को  लील  गई l
वो सस्ती तवायफ पराई  जी ll
मेरा  रेशमी धागा बाँट जोहे l
चीनी  राखी खा  गई कलाई जी ll
आयुर्वेदिक नीम काढे पर l
भारी  पड  गई चीनी  दवाई जी ll
जिनकी  आँख खुले ना  अचरज में l
उनकी काजल हमको  भा गई जी ll
सस्ते क्रीम पाउड़र के फेरे  में l
सुन्दरता खूब लूटाई  जी ll
धीरे -धीरे  ले जा  रहे वो l
विष्णु की लुगाई  जी ll
हम  तो हैं  सस्ते के आदी l
हमे देशभक्ति  कब आई जी ll
खाया धोखा बासठ (1962) में l
अब UNO में  मुह  की खाई  जी ll
फिर  भी  हम कहेंगे प्यार  से l
हिन्दी चीनी  भाई - भाई  जी ll 
  


By surabhi ( khushabu)
Name khushabu Kumari jain
Pursuing ph.d from delhi university (Sanskrit dept)

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